#18 व्हाइट नाइट्स
"सपनो में डूबा मैं
हकीकी दुनिया से अनजान
मुझे समेटने दो
वो रुका हुआ चांद
"ये बरबस गिरते
दरियादिल बेचारे आंसू
मत रोको इन्हे
इनकी चोट से कोई घायल नही होगा।
"मुझे मालूम है तुमने
अपने विचारो में भी करुणा भर रखा है
शायद सोचती हो मुझे वापस ले आओगी
इस सूखे अंतर्मन के कंटीले जंगलों से
"बड़ी मासूम हो तुम
तुम्हारे सर्द हाथ और
मेरी दावानल सी धधकती आत्मा
इश्क़ में पागल मत बनो
मेरी नास्तेन्का!

