तुषार जी लोक भाषा में लिखने की जो परंपरा लगभग विलुप्त हो चुकी है. आपने उस परंपरा को पुनः जीवित कर दिया . अपनी रचना अंग्रेजी में ट्रांसलेट करके आपने उचित किया नहीं तो यह रचना लोगों को समझ नहीं आती.
उत्कृष्ट कोटि की साहित्यिक रचना के लिए आपको बहुत-बहुत बधाई👌🙏
हमेशा की तरह, बेहद खूबसूरती से प्रेम, विरह पीड़ा व भक्ति को व्यक्त किया है।
बहुत शुक्रिया
तुषार जी लोक भाषा में लिखने की जो परंपरा लगभग विलुप्त हो चुकी है. आपने उस परंपरा को पुनः जीवित कर दिया . अपनी रचना अंग्रेजी में ट्रांसलेट करके आपने उचित किया नहीं तो यह रचना लोगों को समझ नहीं आती.
उत्कृष्ट कोटि की साहित्यिक रचना के लिए आपको बहुत-बहुत बधाई👌🙏
धन्यवाद 🙏🏻🙏🏻🙏🏻
तुषार , आभार ये लिखने के लिए। बहुत सुन्दर।
Thank you 🙏🏻🙏🏻