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Nice's avatar

जब ऐसा कुछ लिखा जाता है जिसे वाकई महसूस किया गया हो तो पढ़ने वाले को समझने में ज़रा भी तकलीफ नही होती भले हर पहलू पाठक के अनुभव का भाग न भी रहा हो। सबसे ज़्यादा वो पंक्तियां जिनमें लिखा है कि समझदारी थक कर सो जाती है और एकाकीपन का भान लिए सिहरनें हिसाब लेने दौड़ती हैं और दीवार बस तमाशे को देखते रहता है, बहुत ज़्यादा अच्छे से लिखा हुआ है। पढ़कर अच्छा लगा।

Tushar Pandey's avatar

बहुत बहुत धन्यवाद, थोड़ा मुश्किल था पर इसे लिख डालना बेहद जरूरी था।

Pratiksha Yadav's avatar

लेख की तारीफ़ की जाये या आपकी marketing strategy की 😀

Ashok Chowkulkar's avatar

आपकी लिखने की कला की दाद देना अनिवार्य है। बहुत सारे शब्दों को अपनी पिछली लिखी पोस्ट के साथ जोड़ना ताकि वाचक उन पोस्ट्स को भी पढ़ ले, वाह!

वैसे आपने इस कथा में “प्रेमिकाएं “ प्लूरल में संबोधित किया है, मसला क्या है, भाई?😉

जी हां, साहिर साहब के उस प्यारे गाने से जुड़ी हमारी एक लम्बी कहानी है दोस्त ।

Tushar Pandey's avatar

दिल पागल था रोज़ नई नादानी करता था,

आग में आग मिलाता था फिर पानी करता था। (copied) 😄

बहुत शुक्रिया और आभार 🙏🏻